मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में सुदृढ़ हो रही ऊर्जा व्यवस्था, पिटकुल की कार्ययोजना से विकास की रफ्तार, धौला खेड़ा 132 केवी उपकेंद्र बनेगा हल्द्वानी की नई ताक़त

  • पिटकुल प्रबंध निदेशक पी.सी. ध्यानी की सक्रिय कार्यशैली से परियोजना को मिली तेज रफ्तार
  • पीसी ध्यानी ने रात्रि निरीक्षण कर फरवरी तक ऊर्जीकृत करने के अधिकारियों को दिए सख़्त निर्देश

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूती देने का अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में एडीबी पोषित 132 केवी उपकेंद्र धौला खेड़ा (हल्द्वानी) का निर्माण कार्य क्षेत्रीय विकास की धुरी बनकर उभर रहा है। यह परियोजना न केवल शहरी विस्तार और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊर्जा देगी, बल्कि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता की सतत विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी।

आज 16 जनवरी 2026 को रात्रि 8:30 बजे पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी. सी. ध्यानी ने निर्माणाधीन 132 केवी उपकेंद्र का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 132 केवी नियंत्रण कक्ष, 33 केवी नियंत्रण कक्ष, केबलिंग कार्यों और भवन निर्माण की प्रगति का विस्तार से आकलन किया गया। साइट पर मौजूद पिटकुल के अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के कार्मिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उपकेंद्र को फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक ऊर्जीकृत किया जाए।

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प्रबंध निदेशक ने ‘राउंड-द-क्लॉक’ शिफ्ट में कार्य कर समयबद्ध पूर्णता पर ज़ोर देते हुए कहा कि परियोजना की गति और गुणवत्ता—दोनों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उनका संदेश स्पष्ट था: ऊर्जा अवसंरचना समय पर तैयार होगी, तभी विकास की रफ्तार बनी रहेगी। इस परियोजना के पूर्ण होने से धौला खेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों को निर्बाध, स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति और निवेशकों का भरोसा दोनों बढ़ेंगे। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता पंकज कुमार, अधीक्षण अभियंता एल. एम. बिष्ट, संदीप कौशिक, राकेश पंकज कुमार सहित अधिशासी अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। टीम ने तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रोटोकॉल और समय-सीमा पर फोकस के साथ कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर सहमति जताई।

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समयबद्धता ही सफलता की कुंजी- पीसी ध्यानी

प्रबंध निदेशक पिटकुल पी. सी. ध्यानी ने कहा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में पिटकुल प्रदेश की ऊर्जा अवसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सुदृढ़ कर रहा है। धौला खेड़ा 132 केवी उपकेंद्र एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैंने साइट पर सभी घटकों—नियंत्रण कक्ष, केबलिंग और भवन निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया है। अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं कि फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह तक उपकेंद्र ऊर्जीकृत किया जाए। इसके लिए राउंड-द-क्लॉक शिफ्ट में कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। गुणवत्ता, सुरक्षा और समय—इन तीनों मानकों पर कोई समझौता नहीं होगा। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं और उद्योगों को उच्च गुणवत्ता की सतत विद्युत उपलब्ध होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और प्रदेश के समग्र विकास को नई गति प्राप्त होगी।

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धौला खेड़ा उपकेंद्र केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि हल्द्वानी के भविष्य का ऊर्जा-संकल्प है। जहाँ समयबद्धता, गुणवत्ता और नेतृत्व एक साथ मिलकर विकास की नई इबारत लिख रहे हैं।

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