मुख्यमंत्री अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत लाभार्थियों को सिलेंडर भरने के लिए धनराशि डी.बी.टी. के माध्यम से दी जाएगी

मुख्यमंत्री अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत लाभार्थियों को सिलेंडर भरने के लिए धनराशि डी.बी.टी. के माध्यम से दी जाएगी। खाद्य विभाग इसके लिए व्यवस्था बनाएगा कि इस धनराशि का उपयोग लाभार्थी केवल सिलेंडर भरने के लिए ही कर सके। राज्य में 01 लाख 84 हजार अन्त्योदय कार्डधारक परिवार इस योजना से जुड़े हैं, योजना का लाभ प्रदेश के लगभग 10 लाख लोग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस योजना का लाभ अन्त्योदय कार्डधारकों को शत-प्रतिशत मिले। मुख्यमंत्री अन्त्योदय निःशुल्क गैस रिफिल योजना लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है।

ये भी पढ़ें:  दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर से जुड़ी 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास परियोजना का डीएम ने किया निरीक्षण; समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश, सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहींः डीएम

मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत सभी लाभार्थियों का डेटा अद्यतन किया जाए। वरिष्ठ नागरिकों एवं अन्य पात्र लोग बायोमैट्रिक कठिनाइयों के कारण राशन से वंचित न रहें, ऐसे सभी मामलों में ऑफलाइन प्रमाणीकरण या वैकल्पिक प्रणाली से राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए। खाद्यान्न भंडारण की वर्तमान क्षमता और गोदामों की भौतिक स्थिति की समीक्षा कर संरक्षित और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि किसी भी स्थान से राशन प्राप्त करने में कोई बाधा न हो।

ये भी पढ़ें:  459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-पूर्ति पोर्टल पर रियल टाइम ट्रांजैक्शन डेटा की निगरानी सुनिश्चित की जाए। आधार सीडिंग एवं मोबाइल ओटीपी आधारित वितरण प्रणाली को सशक्त बनाया जाए। फर्जी राशन कार्ड की पहचान कर संबंधित पर कार्रवाई की जाए। लापरवाही या अनियमितता बरतने वाले डीलरों और अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। हर माह समय पर सभी कार्डधारकों को संपूर्ण राशन उपलब्ध कराया जाए। दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में पूर्व-स्टॉकिंग की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राज्य गोदामों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार आधुनिकीकरण एवं विस्तार किया जाए। बफर स्टॉक की योजना हर जिले के लिए तैयार की जाए। मिड-डे मील एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को समयबद्ध ढंग से खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित हो। खाद्य शिकायत निवारण प्रणाली पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ये भी पढ़ें:  459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष  विश्वास डाबर, मुख्य सचिव  आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु,  एल. फैनई,  आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव  चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव बंशीधर तिवारी एवं खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *