उद्योग मित्रों की समस्याओं का समाधान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताः डॉ आशीष चौहान

देहरादून: जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला उद्योग मित्र समिति की बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि उद्योग मित्रों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण करना जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक विकास की दिशा में उद्योग क्षेत्र एक गेम चेंजर की भूमिका निभाता है तथा औद्योगिक विकास से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि औद्योगिक आस्थानों से संबंधित वे समस्याएं, जिनका समाधान लंबे समय से लंबित है और जिनके संबंध में शासन को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, उन्हें “मिसिंग लिंक” के रूप में चिह्नित करते हुए पुनः शासन को प्रेषित किया जाए ताकि उनका उचित समाधान हो सके।

बैठक में औद्योगिक आस्थान सेलाकुई में निर्माणाधीन 220 केवी विद्युत स्टेशन की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान यूपीसीएल अधिकारियों ने अवगत कराया कि आगामी दो से तीन दिनों के भीतर विद्युत स्टेशन पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त करते हुए परियोजना को निर्धारित समय में संचालित करने के निर्देश दिए।

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औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत शटडाउन की समस्या पर जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को निर्देशित किया कि उद्योगपतियों एवं यूपीसीएल अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित कर शटडाउन का पूर्व निर्धारित समय तय किया जाए, जिससे उत्पादन गतिविधियों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। उन्होंने उद्योगों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु एक समर्पित व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के भी निर्देश दिए, जिसमें उद्योग मित्र अपनी समस्याएं सीधे साझा कर सकें। स्मार्ट मीटरों में रीडिंग जंप होने के कारण उपभोक्ताओं को अधिक विद्युत बिल आने की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने यूपीसीएल अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जीएमडीआईसी को इस संबंध में शासन को विस्तृत पत्र प्रेषित करने को कहा।

औद्योगिक क्षेत्र मोहब्बेवाला में सड़कों पर विक्रम वाहनों की अवैध पार्किंग तथा सब्जी एवं रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस एवं नगर निगम अधिकारियों को आद्यौगिक आस्थानों में नियमित अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के उपरांत पुनः अतिक्रमण करने वाले व्यक्तियों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

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जिलाधिकारी ने औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों एवं कामगारों के कौशल विकास पर विशेष बल देते हुए सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने कर्मचारियों का ऑनलाइन पंजीकरण कराकर कौशल अभिवृद्धि कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक में औद्योगिक भूमि के दुरुपयोग का मामला भी प्रमुखता से उठा। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन प्रकरणों में उद्योग स्थापना के उद्देश्य से भूमि आवंटित की गई है, लेकिन लंबे समय से उद्योग स्थापित नहीं किए गए हैं अथवा आवंटन उद्देश्य से भिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ऐसे मामलों की गहन जांच की जाएगी। इसके लिए उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जीएमडीआईसी को निर्देशित किया कि ऐसे सभी प्रकरणों की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या चार दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि नियमों के विपरीत कार्य पाए जाने अथवा जांच में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।

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बैठक में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अध्यक्ष उत्तराखण्ड उद्योग संघ पंकज गुप्ता, सदस्य राज्य स्तरीय उद्योग मित्र समिति शांतनु बिष्ट, महाप्रबन्धक मीना बोरा सहित उद्योग मित्र समिति के सदस्य एवं सम्बन्धित विभगाों के अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।

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